सोमवार, 4 सितंबर 2017

कौवा हँस रहा था
बन्द मुर्गे की हालत पे
मुर्ग मुसलम पकना था
आज रात की दावत में
मुर्गा होकर गम्भीर कुड़कुड़या

रविवार, 6 अगस्त 2017

सर सर सर सर

सर सर सर सर,,,,

,, था अफसर ,
   झुका कर सर,,,
   मोबाइल पर ,,
   रटता रहता,,
   अक्सर,,
   सर सर सर सर,,,,
,,,सुन कर,,पल भर
   सहम जाता दफ्तर
    नया आदेश हे !ईश्वर
,,,मगर,,,
,,,,फिर गूंज उठता स्वर
,,,, हर इक मेज टेबल पर
,,,,,,सर सर सर सर,,,,,

अनुभव,,,

शनिवार, 22 जुलाई 2017

लफ्ज लकवे से लाचार हुए
ख़बर खुद से खबरदार हुए
खून
आँखों से पसीना बहाते है

शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

बोनी होइस धान के,, बांचे सीडिंग आधार के,,,,
सब्बो खाता जोड़े के,,योजना हरे सरकार के

,,अपन आधार नम्बर ल खाता ले जोड़वाए ले ही, अब शासन के योजना के लाभ मिलही,,

अपन पटवारी ल देवो आज ही अपन आधार नम्बर

शनिवार, 1 जुलाई 2017

आज बाजार में,,

किसे ओ
बरबट्टी का भाव
पांच रुपिया पाव
औ दस रुपिया जेस्टी
जेस्टी ,,,ये का नवा साग आगे हे
साग नही बाबू
टेक्स लागे हे
हरियर साग

बुधवार, 28 जून 2017

बंटवारा

बंटवारा

आग से अस्सी फीसद झुलसी हुई हेमा बिस्तर में तरमरा रही थी पीड़ा से,,,,पति का प्रेम ,,जमा पूंजी जैसे कम होता गया,,आखिर दवा दारू तो चहिये ही,,,अस्पताल के बिस्तरा से ही चीखी,,मोर बाप के जमीन ल बेंच ,,भगा के बिहाव करे ले हमर हिस्सा बांटा थोड़े सिरा जाही,,,,,पति बात लपक गया,,
          आवेदिका को पुश्तैनी जमीन में बंटवारा चाही इलाज खातिर,,बूढ़े दाई ददा बिरादरी में प्रेम बिहाव का दाढ़ चुकाए बैठे थे ,,तहसील में आन जात दामाद को परघाते चीख पड़े,,मन पसन्द बिहाव में का हिस्सा का बांटा,, ,,,,भगा उड़ा के लेगे रेहेस ,,बेटी ल,,अब जरा दे या पौल दे,,,ये जमीन नही हमर बेटा हरे,,डोकरा
डोकरी के गुजारा साहेब,,,उही ल झीख देबे,,त टोटा घलो ल मसक दे,,,येई जमीन मां आँखि गाड़े रहे तभे,,,भगाये रेहेस ,,सुआ कस मोर बेटी ल ,,मदहा नितो,,,
              दाई ददा अपनी बेटी के आवेदन का प्रति परिकच्छन ,,बर्न यूनिट वार्ड में कर रहे थे,,हेमा किसे जरेस बेटी,,,इही आगि ता नई बार दिस ओ,,दमाद नशे में भी अपने अधिकार बोध से दूर नही था,,,फेर फालतू बात,,,,हेमा की पीड़ा उसकी दुधमुंही बच्ची के कल्पने से होते हुए बूढ़े मां बाप की आंखों से फूट पड़ी,,जब दिलो के बंधन खुल गए,,तो फिर दमाद जमीन बंधक चढ़ा आया ,,इलाज खतिर,,,बंटवारा,, प्रकरण खारिज,,,

अनुभव

रविवार, 25 जून 2017

सुरता

सुरता भूलाता नई
मया सिराता नई
चाउर कस,,जुन्नाता
उमर संग ममहाता,

फेर बसियाता नई,,,