बुधवार, 28 जनवरी 2026
शनिवार, 24 जनवरी 2026
घर लौट कर आना,,तुम्हारे करीब
मै कोलाहल और शोर छोड़ कर आया हु
दुनियावी हर मोह छोड़ कर आया हु
हर उलझन उपापोह छोड़ कर आया हु
तुम बस थोड़ा सा भात पसा लेना
कांसे की थाली पे भाजी चौलाई की
हम कौर बना बना कर खा लेंगे
यूं साथ रहा तो
शुक्रवार, 23 जनवरी 2026
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)