अलविदा महामहिम,,,
सागर की एक लघु मोती की ज्योति,,
अंतरिक्छ तक फ़ैल गई,,,
वो मुक्ता जब मुक्त हुई
बादल बन कर ,,अरबो आँखों से बरसी,,
महानायक ,,,अन्अंतिम सलाम
मानसून सा फिर ,,,लौट आना कलाम
अनुभव
अलविदा महामहिम,,,
सागर की एक लघु मोती की ज्योति,,
अंतरिक्छ तक फ़ैल गई,,,
वो मुक्ता जब मुक्त हुई
बादल बन कर ,,अरबो आँखों से बरसी,,
महानायक ,,,अन्अंतिम सलाम
मानसून सा फिर ,,,लौट आना कलाम
अनुभव
मुल्क में
आतंकी फांसी पे ही झूलेगा
सम्वेदनाओं के झूले में नही
गुनाह अदालतें तय करेगी
मजहबी कुनबें नही
भाई हो या भाईजान
सरहद पार से दुआयें लें
असला नही ,,,
बीइंग ह्यूमन ,,,,
दिस इस मेटर ऑफ़ जस्टिस
फूहड़ मनोरंजन का मसला नही
अनुभव
संसद में मानसून,,
प्रश्नो के उत्तर भी प्रश्न है
कुरुछेत्र मे सभी कृष्न है
आरोप पे प्रत्यारोप शेष है
अधिनियम का पर्याय अध्यादेश है
सत्र के समर का यही सार है
एकमात्र समाधान बहिष्कार है
कभी बढ़ी तोन्द से टपकती थी रईसी,,अनुभव
ऐप्स गिन कर तो मजदूर तय होत थेे ,
आज रईसों ने पसीना बहा कर ऐप्स बना लिए,,,
और मजदूरों ने दो रूपये के चावल से फुला ली तोंद ,,,,
बहु मत समझो
कि दब जाए
जवाब मांगेगी
जब चाहे,,,,
वादों के फेरो में
डेहरी चढ़ी
मिजाज भाँप कर
न बिदक जाए
सालों के सपने
रोज की हकीकत
से टकराने लगे है
कि ,,कंही मधुशाला पे ताला
न लग जाए
अनुभव