इकानामिक्स टाइम्स में पढ़ा समारू
धन बरसेगा,,,
खेत बिछा कर बैठ गया वो
धन बरसेगा,,,
धान ऊगा कर,, सोंच रहा था
धन बरसेगा,,,?
बादल गरजे,,बूंदाबांदी कर गुजर गए
मेडों को थोड़ा भिगा कर,, शहर गऐ
बादल देख कर चिढ़ता है,,
समारू ,,अब फिर से देशबन्धु पढता है!!!
समझ गया है
झँट बरसेगा
बुधवार, 1 फ़रवरी 2017
धन बरसेगा
सोमवार, 19 दिसंबर 2016
कार्यपालक दंडाधिकारी या डंडाधिकारी ,,माने दण्ड देते हुए कार्य का पालन करवाने वाला अधिकारी,, दंडा अधिकारी अब्राहम लिंकन की लोकतंत्र की परिभाषा को मायने प्रदान करता है यानि जनता को कंही भी,, कैसे भी और कितना भी दिया जाने वाला दण्ड,,,दंडाधिकारी मल्टीबेरल मिसाइल की तरह होता है यानि एक बार छूटा तो कई लक्छ ध्वस्त,जंहा ला एंड ऑर्डर पर खतरा दंडाअधिकारी को महसूस हुआ, ,वो लॉ को,,,,च ला,,,,कर देता है,,और एक साथ आंसू गैस ,,डंडा और गोली चलने लगती है ,,,इसे कहते है ऑर्डर,,,
अधिकारी के ऑर्डर मात्र से 144 की धारा बहने लगती है,,,डंडा खाकर गिरे हुए एम्बुलेंस में जाते है ,,और घायल धारा 151 से होते हुए जेल की गाडी में
,,अस्पताल में घायल व्यक्ति भी डंडाधिकारी के भय में अपना शव पंचनामा करवा लेते है वंही,,, मुर्दे ,,मृत्यु पश्चात कथन देने लगते है,,,अंततः अधिकारी कई फौती नामान्तरण करके ही वापस आता है,,इस तरह दण्डा धिकारी ,,साक्छात चलता फिरता जनसमस्या निवारण शिविर है,,जो जन ,का ,गन से निवारण करते चलता है,,,
बुधवार, 14 दिसंबर 2016
मंगलवार, 13 दिसंबर 2016
मतदाता सूची
एक थी मतदाता सूची,,और
उसकी बेटी त्रुटि
जो रहती रूठी,,
पर युक्ति युक्त नही होती
त्रुटि जाती भाग ,,
किसी अनुभाग,,
छेड़ते राग,,
कभी दुरुस्त नही होती
आखिर मम्मी ने लगाई डाँट
पढो अच्छे से ,,छः सात आठ
साल भर पाठ,,बाँध लो गाँठ,,
बिन उसके कोई सूचि
तंदुरुस्त नही होती,,,,
शुक्रवार, 18 नवंबर 2016
सोनम गुप्ता
पतझड़ कटे ,,तो सावन आवे
पात झड़े,,नवकोपल छाये
क्रूर सही,,परिवर्तन सच है
कुदरत रंग बदलती जावे,,
नुक्सान में नफा
क्यूँ है खफा
इस दफा,,
सोनम गुप्ता
नही है बेवफा,,,,,,
अनुभव
बुधवार, 16 नवंबर 2016
मंगलवार, 1 नवंबर 2016
छोटू
जेल तोड़ कर भागा छोटू
था वो सीधा सादा
बम बना के फोड़ूंगा ये
लेकर नेक इरादा
जल्लादों ने मारी गोली
छोटू हुआ शहीद
सेकुलर की रोई आँखे
तोड़ दी सब उम्मीद
मुर्दा छोटू खबर बन गया
भरे सभी अखबार
कैसे भागा,, कैसे मारा
छीना मानव अधिकार
याद रहेगी छोटू तेरी
सुन्दर दहशतगर्दी
जज्बात पे सच्चे वोट पड़ेंगे
इनकाउंटर था फर्जी
अनुभव