हपट हपट के रेंगे ह़ो,,,
गारी संग रोटी खायेव ह़ो ,,
जिनगी के अरचन बांचे हे ,,
तो मन्हू कन्हा सिराय ह़ो ,,
मिहनत के बादर नै बरसिस,,,
माथा ले पानी पलोय ह़ो
किस्मत के छाती जोते ह़ो ,,,
पीरा के फसल उगायेव ह़ो ,,
अनुभव
हपट हपट के रेंगे ह़ो,,,
गारी संग रोटी खायेव ह़ो ,,
जिनगी के अरचन बांचे हे ,,
तो मन्हू कन्हा सिराय ह़ो ,,
मिहनत के बादर नै बरसिस,,,
माथा ले पानी पलोय ह़ो
किस्मत के छाती जोते ह़ो ,,,
पीरा के फसल उगायेव ह़ो ,,
अनुभव
होली माँ हरिया गया
घाम घलो सिरा गया
बजट में अस तपई तपा
मानसून लहुट के आ गया
महंगाई भोमरा कस जरोता है
सर्विस टेक्स घलो पदोता है
भोकवा पब्लिक काला जाने
बने दिन अइसने होता है
अनुभव
विकास vs बिकाश
बिकाश आवथ हे ग ,,
बिकाश आवथ हे ,,
लाल बत्ती गाड़ी ,,,
तेमा गोंजाय हे अधिकारी ,,
धुर्रा उडा गिस ,,
तो दुकालू खासत हे ,,
काम के गारंटी ,,औ
आनाज के गारंटी ,,औ
लइका औउ पिचका के शिक्षा के गारंटी ,,
गारंटी के नारा ऊपर ,,
खेमिन छेना थापत हे ,,
खालेह के खार माँ ,,
लोहा के करखाना,,
बेच दिस खेत ला ,,
उठा लिस बयाना ,,
एक रूपया चाउर खवैया ,,
येदे होंडा बिसावथ हे ,,
फेक्ट्री माँ काम कर ,,
अस्सी रूपया रोजी ,,
हवे बिक्कट मिहनत फेर ,,
संझकेरहा के जुगाड़ हो जही,,
गोवा के चेपटी पी के ,,
जम्मो गाव नाचथ हे ,,,गा
बिकाश आवथ हे ,,
अनुभव
बराक के बरात
बराक आवत हे या फेर बरात आवत हे
मोंगरा माला धरे मोदी पर्घनावत हे
मोरया शेरेटन में सजे हे जनवासा
ऍफ़ बी आई कोपरा में पनवार खावत हे
अस के इंतजाम के छूट जाय प्राण
दाइज में बनारसी साडी जोरावत हे
बड़े घर ले रिश्ता में इही रिथे चकल्लस
घराती नाचत हे औ बराती नचवावत हे
अनुभव
सिरपुर
एक शहर जो सदियो पहले
माटी ओढ़ के सोया था
एक शहर जो इतिहास गर्भ में
विस्मृत हो कर खोया था
लो जाग उठा
महानदी का जल छीच
उठ खडे हुऐ
मन्दिर विहार
पुनः उसी निर्वाण भाव से
फिर मुसका दिए तथागत
ज्यो जल छूटा जलोहरि से
झनझना उठी घण्टियाँ
शिव देवालयों कि
सिरपुर,, यथावत
सम्बोधि का आसन् लेकर
यूँ बैठ गया है
अनुभव शर्मा
इस विजय अभियान पर संघटन को समर्पित है मेरी ये पंक्तिया.....
"संगठन के संग से "
सहयोग और उमंग से
अर्श के उत्कर्ष को
जब उठ गये संघर्ष को
लक्छ वांछित मिल गया
हर हृदय ज्यो खिल गया
नई दिशा अभी शेष है
"जो मन्जता रहे वही मजिस्ट्रेट है"
अनुभव
यहा बड़ चीन
घेरी बेरी मंगैया कस मांगथे जमीन
62 ल भुला जा अब हमू रांधत हन चोउमिन
अब हमरो तीर हवे अग्नि औ पृथ्वी
खोचाय सबमरीन
ता फेर धंधा पानी करबे
तो गोठिया
नै ता
छेरी लेडी बीन