शुक्रवार, 23 जनवरी 2015

ओबामा के बरात

बराक के बरात
बराक आवत हे या फेर बरात आवत हे
मोंगरा माला धरे मोदी पर्घनावत हे
मोरया शेरेटन में सजे हे जनवासा
ऍफ़ बी आई कोपरा में पनवार खावत हे
अस के इंतजाम के छूट जाय प्राण
दाइज में बनारसी साडी जोरावत हे
बड़े घर ले रिश्ता में इही रिथे चकल्लस
घराती नाचत हे औ बराती नचवावत हे
अनुभव

शुक्रवार, 9 जनवरी 2015

सिरपुर

सिरपुर

एक शहर जो सदियो पहले
माटी ओढ़ के सोया था
एक शहर जो इतिहास गर्भ में
विस्मृत हो कर खोया था
लो जाग उठा
महानदी का जल छीच
उठ खडे हुऐ
मन्दिर विहार
पुनः उसी निर्वाण भाव से
फिर मुसका दिए तथागत
ज्यो जल छूटा जलोहरि से
झनझना उठी घण्टियाँ
शिव देवालयों कि
सिरपुर,, यथावत
सम्बोधि का आसन् लेकर
यूँ बैठ गया है

अनुभव शर्मा



शुक्रवार, 28 नवंबर 2014

संगठन

इस विजय अभियान पर संघटन को समर्पित है मेरी ये पंक्तिया.....

"संगठन के संग से "
सहयोग और उमंग से
अर्श के उत्कर्ष को
जब उठ गये संघर्ष को
लक्छ वांछित मिल गया
हर हृदय ज्यो खिल गया
नई दिशा  अभी शेष है
"जो मन्जता रहे वही मजिस्ट्रेट है"
अनुभव

रविवार, 21 सितंबर 2014

चीन

यहा बड़ चीन
घेरी बेरी मंगैया कस मांगथे जमीन
62 ल भुला जा अब हमू रांधत हन चोउमिन
अब हमरो तीर हवे अग्नि औ पृथ्वी
खोचाय सबमरीन
ता फेर धंधा पानी करबे
तो गोठिया
नै ता
छेरी लेडी बीन

सोमवार, 10 दिसंबर 2012

बिदेसी मन ले डर नयी लगे साहब ,,अपने मन ही मारत हे ,,,

न वालमार्ट के आये ले ,,
न पेप्सी पिजा खाए ले ,,
देश के भट्टा बैठे हे ,,,
टेबुल तरी के कमाई ले ,,,

जनता मरत महंगाई ले ,,
पाछु के उधारी चुकाय ले ,,
पैसा बचाही तभे वालमार्ट जाही 
लुवाठ होही ऍफ़ डी आई ले ,,,

अनुभव
अपोजिसन मने बिरोध ,,

संसद भीतरी कुकुर कटैया,,
अस माते कुहूराम हे ,,
हाँथ हा सबो के कालर तिरत ,,
कमल के लग गिस काम हे ,,,

मायावती टेटकी कस बदलिस ,,
लोटा धरिस औ मुलायम नहक दिस ,,
सी बी आयी ,ले पोटा काम्पिस
ता ऍफ़ डी आई ला सलाम हे ,,,,,,

लोकतंत्र के मंदिर भीतरी ,,
गाडा भर भगवान हे ,,
सबो करत ,, जनता के चिंता ,,
फेर पब्लिक काबर परेशान हे ,,,

अपन सरकार में हहो किथे ,,
विपक्छी बने माँ नै लो किथे ,,,
काला चुनबे ,,सबो पलटिया ,,
सिरतोन भारत महान हे ,,,,,,,???

अनुभव

शनिवार, 9 जून 2012


नंगा आदमी था
खादी की चड्डी,, पहन इतरा  रहा है  ,,
वो पिछले  पांच सालो से  ,,
मेरा भारत महान गा  रहा है ,,
उसकी उन्नति
कमाल है ,,, काबिले गौर है ,,
उसके बंगले की उचाई देख कर ,,
यु लगता है ,,विकास का दौर है ,,

अनुभव