रविवार, 30 अक्टूबर 2011


खबर है या फिर  इश्तिहार है ,,,
वे कहते हैं ,,की यह अख़बार है,,
जो छुपा है ,,जिस कारण से भी छुपा है ,,
वही समाचार है ,,बाकि सब बेकार है ,,,

अनुभव

सरकारी अस्पताल vs 5 स्टार अस्पताल ,,

एक दरी बोधन ला कुकुर चाब दिस ,,
मेकाहारा गिस ,डाक्टर किथे ,,
कुकुर को लाओ ,,ओकर चेक अप होही 
कुकुर ला होही रेबीज ,,,,तभे सूजी लगाबो,,
14 इंजेक्सन ,,फ़ोकट माँ काबर बोहाबो
कुकुर ला पात ले ,,,बोधन खुदे भोंकत हे ,,,
तिन गाँव वाला ला चाब के ,,खम्बा खोजत हे

अब सरकारी अस्पताल ,,होगे हे जी के काल,,
पाकिट माँ मॉल ,,तेकर बर 5 स्टार अस्पताल ,,

प्रएवत अस्पताल के भी चोचला भारी हे ,,
उन्हा आज नगदी ,,काली उधारी हे ,,
दुकालू दू महिना ले एडमिट ,,
एक दिन कल्ला के डॉक्टर ला पुछिस ,,
कस गा मोला का बीमारी हे ,,
डॉक्टर किथे ,,,लागथे थर्ड स्टेज बबासीर हे ,,
खून बोहा गे हे ,,हार्ट ओस्का गे हे ,,
जाँच जारी हे ,,,के तोला का बीमारी हे ,,
ढाई सौ जाँच के बाद ,,जब होइश डिशचार्ज ,,
तो बबाशिर ता शिरा गे ,,,फेर बिल ला देख के छाती पीरा गे ,,
बबाशिर के मरीज ,,,ला अपन बबा याद आगे ,,,,,,,,,

अनुभव

शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2011

खायपुर,,,,या ,,,,,,,,रायपुर


खायपुर,,,,या ,,,,,,,,रायपुर

रायपुर होगे खायपुर,,
जेला पाबे बोजत हे ,,
जेकर टोटा आधा बोजाय,,
तेन होटल बासा खोजत हे ,,

चारो कोती समोसा भजिया
आलू चाप  तलाथ हे ,,
 लाइन लगा के भीड़ खड़े हे ,,
हबरस हबरस खात हे ,,

राज बने ले खुलिस  खजाना ,,
सबो के लार चुचवा गे
जतका   खखाय भुखाय,,
रायपुर माँ  खीचा गे ,,

मंत्रालय ,,सबले बड़े होटल ,,
जिन्हा रोजे  टेंडर रंधाथ हे ,,
बिस्सैया ,,बन्नैया दुनो भुक्कड़ ,,
अपन अपन हिस्सा पात  हे ,,

हर बिभाग  के अपन रसोई  ,,
रोज के बाढ़त सेल हे
सरकारी होटल माँ बने मिठाथे
टुलिप ,बेबीलोन फेल हे


अनुभव

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011

मॉले मॉल,,,,,,,,,,

ऐति मॉल ओति मॉल,,
जेति जाबै तेति मॉल
पुरा शहर मॉलेमॉल हो गें
साले कमइया के जी के काल हो गें,,,

महीना भर तै कमा
ईक दारी मॉल ता जा
ऐला बिसा अंऊ ओला बिसा
तहा ले सनीमा दिखा
होगें ना खाली खीसा
माल देदे के ठनठन गोपालहो गें,
साले कमइया के जी के काल हो गें,,,

अनुभव
टार साले ला,

गांव के नदिया ,
नदिया माँ कोकड़ा,,
कोकड़ा के मुंह में मछरी,,
मछरी,खात है कीरा
कीरा ला होत है पीरा
पीरा जब बाढ़गे
मुंह ला फारके,,
बोलीस कीरा,,,अन्ना,न्ना,न्ना,न्ना,,,

मछरी डररागें,,
कोकड़ा उड़ागें,,
नदिया सुखागें,,,,,

फिर अनशन कर देहि गा ,,,टार साले ला,,,
अनुभव
,सत्ता के दलालओ ,बात माँन लो ,,या फिर सिर कौ पिटोगें
लोकपाल नही हिटलर होगा,,, कैसे ऊससे नीपटोगें,,,

मां की दलाली कर के कमाई अपने जीवन की रोशनी
न्याय नही जब,,तुम दे सकते ,,बेसटील जैसे फूटॉगें,,,,
,सत्ता के दलालओ ,बात माँन लो ,,या फिर सिर कौ पिटोगें
लोकपाल नही हिटलर होगा,,, कैसे ऊससे नीपटोगें,,,

मां की दलाली कर के कमाई अपने जीवन की रोशनी
न्याय नही जब,,तुम दे सकते ,,बेसटील जैसे फूटॉगें,,,,