बुधवार, 19 अक्टूबर 2011

बिचारा शिक्षा कर्मी ,,,


बिचारा शिक्षा कर्मी ,,,

न ठेठरी  हे न खुरमी हे ,,
न रेती हे न मुरमी हे ,,
आधा बीच माँ लटके हे ,,
तेन बिचारा शिक्षा कर्मी हे ,,
बोले बर गुरूजी
दू सौ रूपया रोजी ,,
अपने जीवन मुर्कूटाय हे ,,
लइका मन ला लुवाट सोजही,,
भाटापारा  पोस्टिंग ,,
रायपुर ले जाथे
बारह  ले  तीन के बीच   ,,
जतका आथे पढ़ाथे ,,
मध्यान भोजन के भात  खाथे,,
तभे पोसाथे,,
अतका हटर हटर कर के
राज्य के भविष्य बनाथे,,
ज्यादा ,,उम्मीद करना बेशर्मी हे ,,
तिर्शंकू असन लुलवात हे ,,
तेन बिचारा शिक्षा कर्मी हे ,,

अनुभव

सोमवार, 17 अक्टूबर 2011


गर्द तेरे मुक्कद्दर में है ,,आम आदमी
खा ले जम्हूरियत का प्रसाद समझ कर ,,

अडवानी बबा,,,,,,,,,पधारो हमारे देश

अडवानी बबा,,,,,,,,,पधारो हमारे देश

अडवानी बबा हमारो मोहल्ला माँ ,
थोड कनी रथ ला घुमा दे ,,
तोर PM बने के तो नै दिखत हे ,,,
इही बहाना हमर सड़क ला तो बनवा दे ,,
a/c रथ में तोर मुहु ता मस्त लाल हे ,,
धुर्रा खा खा के इन्हा मनखे बेहाल हे ,,
ऐ दरी बने किरिया खाबे ,, झंन मारबे लबारी ,,
नै ता कसम ले पलटना ,,है तोर खराबी
पहिली भी
हम कसम राम की खाते है,,, कई के घेरी बेरी जोजिया देश ,,
मंदिर ला ता नै बनवाएस ,,,तीन पइत के सरकार ला बना लेश ,,
ऐ झरती के यात्रा माँ ,,कुछु नै हे शेष ,,
राद्दा बन जाही तोर आये ले ,,
कई के ,,,,,पधारो हमारे देश ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

अनुभव

छत्तीस गढ़िया खाना ,,,नई पास

छत्तीस गढ़िया खाना ,,,नई पास

छत्तीसगढ़ में सबो कोती के मिलथे पकवान
फेर छत्तीस गढ़िया खाना के नई हे एक ठन दुकान
मद्रास के बिरयानी ,,इडली औ डोसा ,,
यु पी के चाट ,,,गुपचुप समोसा ,,
दिल्ली के छोल्ले भठूरे ,,दही भल्ले ,इमरती,,
गुजरात के दाबेली ,,ढोकला ,,फल्ली बर्फी ,,
रजिस्थानी थाली औउ बम्बई के वडा पाव
बंगाली रसगुल्ला औउ कश्मीरी पुलाव
इटली के पिज्जा औउ अमेरिका के बर्गर
चीन के चौमिन औउ कांटिनेंटल सिजलर
तभो ले
कोनो दुकान चीला ,फरा ,पीडिया नई बनाय,,
छत्तीसगढया अपने खाना नई खा पाय ,,

अनुभव

छत्तीसगढ़ ,,,,,,, शून्य बटे सन्नाटा ,,


छत्तीसगढ़ ,,,,,,, शून्य बटे सन्नाटा ,,

कमाल हे छत्तीसगढ़ राज के भ्रस्टाचारी,,
हमरेच  इन्हा नै चले कोनो इन्क्वारी ,,
जम्मो देश के नेता पकडावत हे ,,
कोनो जेल कोनो हॉस्पिटल जावत हे ,,
इन्हा  सबो  कम्बल भीतरी खीर खावत हे ;


चारो  मुड़ा हवे  घोटाला के धमाका ,
कोनो टिकली कोनो सुतरी फटाका,,
अउ यंहा शून्य बटे सन्नाटा ,,
कोनो तो   पकडावाओ रे ,,
अतका मत  पिछ्वाओ  रे  ,,
छत्तीसगढ़ के भी  बोहनी  बट्टा  करवाओ  रे  ,,

अतका ईमानदारी  नै  पोसाय ,,
टोटा तक   बैठे  हो   खाय  ,,
यंहा के मनखे सिट्टा गे हे
आठ साल  में   मन  उचटा गे हे
हमरो मनोरंजन  के  जुगाड़  कर  दो ,,
एकात घोटाला  उछर के,,, ऐ दरी  उद्धार   कर  दो

अनुभव      

सोमवार, 10 अक्टूबर 2011

भगवान के ,,,,,,,टैक-ओवर ,,,,,,,,,,,,,,,,

भगवान के ,,,,,,,टैक-ओवर

शहर मा एक मंदिर के दिन फिरा गें ,,
हनुमानजी ला तीरिया के साई बाबा आमा गें ,,
पाछू मंदिरचौरा,, तीरीपाशा के मैदान रीहीश,,,
बस मंगलवार के बजरंग बली के कल्याण रीहीश,,,
अब हफ़्ता भर हाउसफुल आरती जाथै,,
गुरुवार के तो पून्नी मेला भराथै,,
फूल नरियर अऊ तेल के दुकान सज गें ,,
दु घर बाद शनि सिंघानापुर बस गें ,,
नरियर अऊ माला माँ बाबा होगें सेट,,
आधा लीटर तेल माँ शनि देव फ्लैट,,,
एक दिन बजरंग बली होके परेशान,,
बोलीश कैसे सीयान,,
तोर महतम भारी बाढ़ गिश,,
मोर पूरा भगत मन माढ़ गिश,,
साई कैथै,,
फैशन के ज़माना है हनुमान,,
आज मार्कएट में बनथै भगवान,,
श्रद्धा सेंसेक्स संग चढ़ते अऊ गिर जाथै,,
जेन कम बिकथै तेकर दिन फिर जाथै,,
बाजार के भाषा मा ईही टैक-ओवर कहलाथै,,,,,,,
अनुभव,,,,,

रविवार, 9 अक्टूबर 2011

सुलभ संडास और विकास ,,,,,,,,,,,,,,


सुलभ संडास और विकास ,,,,,,,,,,,,,,

सियासत के लब्ज फिक्स हैं विकास के लिए ,,
फंड  खुल रहे ,,सुलभ संडास के लिए ,,
नालियों में देश का भविष्य बैठ  कर  ,,
चुन रहे है कीड़े समाज के लिए ,,,,

संसाधनों का लोटा खाली कंहा हुआ है ,,
किसकी है प्यास बुझी  ,,ये सबको पता है
समता का पाठ जिसने माइक से है पढाया ,,
मेरी झोपड़ी हटा कर बंगला बना लिया है ,,

अनुभव