बिचारा शिक्षा कर्मी ,,,
न ठेठरी हे न खुरमी हे ,,
न रेती हे न मुरमी हे ,,
आधा बीच माँ लटके हे ,,
तेन बिचारा शिक्षा कर्मी हे ,,
बोले बर गुरूजी
दू सौ रूपया रोजी ,,
अपने जीवन मुर्कूटाय हे ,,
लइका मन ला लुवाट सोजही,,
भाटापारा पोस्टिंग ,,
रायपुर ले जाथे
बारह ले तीन के बीच ,,
जतका आथे पढ़ाथे ,,
मध्यान भोजन के भात खाथे,,
तभे पोसाथे,,
अतका हटर हटर कर के
राज्य के भविष्य बनाथे,,
ज्यादा ,,उम्मीद करना बेशर्मी हे ,,
तिर्शंकू असन लुलवात हे ,,
तेन बिचारा शिक्षा कर्मी हे ,,
अनुभव