बुधवार, 22 अप्रैल 2015

हिन्दुस्तान मर गया

नेता जी बोले
खेत मर गए
फ़स्ल मर गई
किसान मर गया
""""
तभी उनके सामने
पेड़ से लटक कर
एक इंसान मर गया
""""
और वो पूछते है
किस दल का है?????
सुन कर लगा कि
हिन्दुस्तान मर गया

अनुभव

रविवार, 19 अप्रैल 2015

ओहदा

दिन गए जब ओहदे के ,जलाल थे अनुभव
अब तो यूँ नोकरी ,करते नही बचाते है

पेशानी के पशीने से तेरा वेतन निचुड़ता है
और वो पूछते है साहब कितना कमाते है
अनुभव

सोमवार, 13 अप्रैल 2015

दंड का अरण्य

दंड का अरण्य ,,, बस्तर

दंड भोगते उस अरण्य में ,,
फिर गरजे बारूदी मेघ
रक्त सिक्त वो गीली माटी
जले मांस सी ममहा गई
किसी क्रान्ति की भ्रान्ति में
माओ के नारे टर्राते
छिपे टोड इक इक कर उफ़्ले,,
साल सगोंन तनो पे लपलपाती
जिव्हा विकास की
लार टपकाती,,ठिठक गई
सभ्यता का इंद्रधनुष बन कर
लटक गई,, कोने में,
वो खेतो में बीज छिड़कता   ,,
अधनंगा बन्दर  सोंचता रहा
जाने कैसी फ़स्ल उगेगी
किसकी कितनी भूख मिटेगी ,
ऐसे अनबुझे से उत्तर  खोजता रहा,,,

अनुभव


















रविवार, 29 मार्च 2015

आप

आप ,,,तोर भाई बाप

चुनाव के पहिली आप
जीतस तन्हा ले तोर ,, भाई ,, ,,बाप
किंजर -किंजर के बखानत हवे

सत्ता के छत्ता में मधुरस ममहाइस तन्हा
मुद्दा ,मुड़ सुद्धा ,,अपन वादा जनाइस तन्हा
लोकतन्त्र ल लील दिस गा "आम आदमी"
अब ,,माछी कस भुंनभुनावत हवे

बदलाव के आंधी ,,
कोनो अन्ना कोनो गांधी
दिल्ली के दिल भीतरी ले जिन्न कस निकलगे
अब ,,जनता के ममता के भुर्री जरावत हवे
अनुभव

शुक्रवार, 27 मार्च 2015

केंगारु के चांटा

केंगारु के चांटा,,,
जांगर चोट्टा कोहली हा ,,,चिरक दिस
रेमटा रैना तको झट ले ,,बोचक दिस
झकला झरेजा हा घलो दिस गा,, झर्रा
युवराज ल काबर ढीले होबे रे धोनी ,,तेला बता

नै लौटान नै लौटान कई के लुलुवा देस
मउका,, मउका कई के चुचुवा देस
सिडनी के सेमी में मिलिस जरोए भाँटा
सारा बेटा केंगारु चटाक ले मार दिस चांटा
अनुभव

बुधवार, 4 मार्च 2015

पीरा के फसल

हपट हपट के रेंगे ह़ो,,,
गारी संग रोटी खायेव ह़ो ,,
जिनगी के अरचन बांचे  हे ,,
तो मन्हू कन्हा सिराय ह़ो ,,

मिहनत के बादर नै बरसिस,,,
माथा ले  पानी पलोय ह़ो
किस्मत  के छाती जोते ह़ो ,,,
पीरा के फसल उगायेव ह़ो ,,

अनुभव

सोमवार, 2 मार्च 2015

बजट

होली माँ हरिया गया
घाम घलो सिरा गया
बजट में अस तपई तपा
मानसून लहुट के आ गया
महंगाई  भोमरा कस जरोता है
सर्विस टेक्स घलो पदोता है
भोकवा पब्लिक काला जाने
बने दिन अइसने होता है
अनुभव