माता जी, पीड़ा सहो
पर मर्यादा में रहो
अभिव्यक्ति वर्जित है
संसार ,,महिषासुर शासित है
शर्त नव रात्र की ,,मौनी सूरत की ही होगी
तू बोलना नही देवी,, पूजा मूरत की ही होगी
,,,मी टू,,,
माता जी, पीड़ा सहो
पर मर्यादा में रहो
अभिव्यक्ति वर्जित है
संसार ,,महिषासुर शासित है
शर्त नव रात्र की ,,मौनी सूरत की ही होगी
तू बोलना नही देवी,, पूजा मूरत की ही होगी
,,,मी टू,,,
तख्ते राजश्वअधिकारी,,तेरी तबीयत क्या है
फक्र फ़िजूल के,, जाना फ़जीयत क्या है
तमगा बांह पे बांधे ,,हर तकलीफ झेल ली
फिर लोग पूछते है ,,इनकी जरूरत क्या है
फर्ज मर्ज हो चुका ,,फरियाद किससे हो
साहिबी ये रही अनुभव,,तो नौकर क्या है
अनुभव
विवाह की पच्चीसवीं सालगिरह में सोधि के मायके से भाई आने वाले थे ,,घर पर सत्यनारायण की कथा थी,,सोधि ने मां को फोन पर कहा माँ पीतल की गुंडी भेज देना,,मां की आंखे डबडबा गई,गुंडी,,,
अइ हवुला तको नही भेजे हे दाइज मा,, हवुला