शनिवार, 20 फ़रवरी 2016

नया सबक

नया सबक,,, सीधे जे एन यु से

आतंकी भी इंसान है
आदर दो आभार दो
लोकतन्त्र गर सच्चा है तो
अभिव्यक्ति का अधिकार दो
उसकी गोली भी व्यर्थ न हो
उसकी गाली भी व्यर्थ न हो
विरोध का एक तरीका है
विश्वविद्यालय में संस्कार दो
प्रगतिशीलता कहती है
बुद्धिजीविता कहती है
सूली पे चढ़ी शहादत को
श्रद्धा का उपहार दो
मेरे देशप्रेमियों,,,अब
अफजल को भी थोडा प्यार दो,,,,

अनुभव

शनिवार, 17 अक्टूबर 2015

आगे आगे देखिये ,,
क्या मर्ज तहसीलदारी है
कमबख्त कब नजर फिसली ,,
फिर मेरी और तेरी बारी है,,,

हर दस्तखत सबूत है
रोज के अपराध का
हर आदेश बोलता है
इनका मोटिव भर्स्टाचारी है

कमबख्त कब नजर फिसली
फिर मेरी और तेरी बारी है




शनिवार, 10 अक्टूबर 2015

जनवुला,,,,

रायपुर का मनखे था
एटम बम चगलाता था
बारूद कस गुटकता था
मिसाइल कस बरसाता था

बता का


मंगलवार, 6 अक्टूबर 2015

गाय की जुगाली

गाय की जुगाली,,गोबर उलद रही
कुछ फर्श लिप गए,,कुछ कण्डे जला गए

सांडो की लड़ाई,,अब राष्ट्रीय खेल है
कुछ पीठ पे बैठे ,,कुछ खंजर घुसा गए

खाक पे अखलाख के,,मनोंरजन कम न हो
कुछ टीवी पे चीखे,,कुछ यू एन से आ गए

अनुभव

सोमवार, 5 अक्टूबर 2015

करू हे 22

भरे बिहिनिया घर के अंगना अब
टेटकू पियत हे दारु
जंहा खोलिस चेप्टी के ढकना
चरर्स ले पड़ गे झारू,,,यहा काय रे

तैं अभी ले नई समझे रे रोगहा,,,,(बीबी)
करू हे पापा ये हर भारी करू हे(बेटा कहता है)

मस्त मझनिया बिकट थकासी
टेटकू के टोटा सुखागे
बोतल खोल के मारिस पालथी
खेत खार बग्या गे ,,यहा काय रे

करू हे रे ये हर भारी करू हे( खेत से लोग पथरा मारते है)

संझा जात ले लुका छिपा के
टेटकू  पहुचिस  मशान
अक़्क़ेला में होही सेटिंग
साले सब होंगे विद्वान,,,(धूंगीया छूटत हे)

यहा काय रे,,,,,,

हीही हीही हीही ,,,,,,(कब्र से तातु का भूत निकलता है)

करू हे रे बेटा ,,ये हा भारी करू हे

बाई जाग गे,,गावँ जाग गे
जाग गे ,,,बस्ती टोला
जिनगी ला करुवाये बर
बेटा ! नई पीना हे तोला

हओ ददा अब नई पीना हे मोला(बोतल तोड़ता है)

नशे के खिलाफ जंग
लड़ेंगे एक संग,,,,...

बुधवार, 16 सितंबर 2015

श्री गणेश

शक्ति के स्वेद से
शिव पुत्र का सृजन
हस्ति मस्तक धरे
विश्व ज्ञान वरन
शुभ प्रारम्भ देव
श्री गणेशाय नमन

गुरुवार, 10 सितंबर 2015

प्रदूषण

शर्मा गया,,,
बहुसंख्यक राजनीति करें
अल्पसंख्यक प्रदूषण
मुर्गे खुश है बांग देंगे
मिमयाते बकरों संग
जब बिहार वोट करेगा,,,,
अपनी जाति चुनेगा या धर्म
मुल्क का मर्ज गुप्त है
अर्ज करु कैसे,, आती है शर्म

अनुभव,,, शर्मा।