सोमवार, 10 दिसंबर 2012

बिदेसी मन ले डर नयी लगे साहब ,,अपने मन ही मारत हे ,,,

न वालमार्ट के आये ले ,,
न पेप्सी पिजा खाए ले ,,
देश के भट्टा बैठे हे ,,,
टेबुल तरी के कमाई ले ,,,

जनता मरत महंगाई ले ,,
पाछु के उधारी चुकाय ले ,,
पैसा बचाही तभे वालमार्ट जाही 
लुवाठ होही ऍफ़ डी आई ले ,,,

अनुभव
अपोजिसन मने बिरोध ,,

संसद भीतरी कुकुर कटैया,,
अस माते कुहूराम हे ,,
हाँथ हा सबो के कालर तिरत ,,
कमल के लग गिस काम हे ,,,

मायावती टेटकी कस बदलिस ,,
लोटा धरिस औ मुलायम नहक दिस ,,
सी बी आयी ,ले पोटा काम्पिस
ता ऍफ़ डी आई ला सलाम हे ,,,,,,

लोकतंत्र के मंदिर भीतरी ,,
गाडा भर भगवान हे ,,
सबो करत ,, जनता के चिंता ,,
फेर पब्लिक काबर परेशान हे ,,,

अपन सरकार में हहो किथे ,,
विपक्छी बने माँ नै लो किथे ,,,
काला चुनबे ,,सबो पलटिया ,,
सिरतोन भारत महान हे ,,,,,,,???

अनुभव

शनिवार, 9 जून 2012


नंगा आदमी था
खादी की चड्डी,, पहन इतरा  रहा है  ,,
वो पिछले  पांच सालो से  ,,
मेरा भारत महान गा  रहा है ,,
उसकी उन्नति
कमाल है ,,, काबिले गौर है ,,
उसके बंगले की उचाई देख कर ,,
यु लगता है ,,विकास का दौर है ,,

अनुभव

शनिवार, 26 मई 2012

रुपिया वाले नंगरा ,,,,,,,,,

डालर के पहिन के चड्डी अउ बनियाईन ,,
रुपिया वाले मन नंगरा होगे ,,
देश माँ महंगी औ ,, बाहिर माँ सस्ती ,,
निपोर कंडीशन ,,अलकरहा होगे ,,
मनमोहन कका ता अर्थशास्त्र भुला गे ,,
प्रणय बबा ,,,तको कलजगरा होगे ,,
भदाक ,,,ले जब गिरिस हे रुपिया औ पैसा ,,
मने ,, देश के अर्थ व्यवस्था हा डबरा होगे ,,,,

अनुभव

शुक्रवार, 18 मई 2012


निर्भय होकर जीना मुश्किल ,,
कायर बन कर रहना मुश्किल ,,
इस युग के झूठे नायक से
हो के पराजित मरना मुश्किल ,,

अनुभव

सोमवार, 23 अप्रैल 2012

खखोल ले संचेती,,,,,छत्तीसगढ़ ला 

आ संचेती खखोल ले गा ,,
इन्हा सब बाजार माँ बिकथे रे ,,
राजा ,,मंत्री ,,सब करथे धंधा ,,
औ घर भीतरी आगि मुतथे रे ,,,

दाई महतारी के सांटी बिकथे ,,
बिकत हे बाप ददा के खेत खार ,,
भाई बहिनी के मिहनत के सौदा ,,
औ मया पीरा के इन्हा ब्यापार ,,

ब्यापारी बर जेन कोयला हे ,,,
हमर लइका के ,,आंखी के काजर हे ,,
जेला महतारी अपन दूध ले आंजे हे ,,
फेर लइका के फूटे जांगर हे ,,

जेन बैठ के भुर्री तापत हे ,,
जब कोनो दाई के छाती नापत हे ,,
ऐसे बढ़िया छत्तीसगढ़इया के ,,
जिनगी माँ भाई लानत हे ,,,,

अनुभव
हेरी पाटर के कका,,निर्मल बबा,,
हाग वार्ड इस्कूल ले आये हे ,,
बबा उही ला जादू दिखाथे ,,
जेन दू हजार के टिकिस कटाय हे ,,,

आज मिडिया माँ बनथे बाबा ,,,
औ बाबा चढ़ाथे ,,,,,,, चढ़ावा ,,
जेन बाबा भुलागे चढ़ावा,,,
वो हा पाखंडी हे ,,करथे दिखावा ,,

अनुभव