देश के मुर्दाबादी ,,जौंहर
अफजल के फरियादी ,,जौहर
कन्हैया करत हे कंस कस लिल्ला
बाम पन्थ के नाती ,,जौहर
सोमवार, 14 मार्च 2016
रविवार, 13 मार्च 2016
शनिवार, 20 फ़रवरी 2016
नया सबक
नया सबक,,, सीधे जे एन यु से
आतंकी भी इंसान है
आदर दो आभार दो
लोकतन्त्र गर सच्चा है तो
अभिव्यक्ति का अधिकार दो
उसकी गोली भी व्यर्थ न हो
उसकी गाली भी व्यर्थ न हो
विरोध का एक तरीका है
विश्वविद्यालय में संस्कार दो
प्रगतिशीलता कहती है
बुद्धिजीविता कहती है
सूली पे चढ़ी शहादत को
श्रद्धा का उपहार दो
मेरे देशप्रेमियों,,,अब
अफजल को भी थोडा प्यार दो,,,,
अनुभव
शनिवार, 17 अक्टूबर 2015
शनिवार, 10 अक्टूबर 2015
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2015
गाय की जुगाली
गाय की जुगाली,,गोबर उलद रही
कुछ फर्श लिप गए,,कुछ कण्डे जला गए
सांडो की लड़ाई,,अब राष्ट्रीय खेल है
कुछ पीठ पे बैठे ,,कुछ खंजर घुसा गए
खाक पे अखलाख के,,मनोंरजन कम न हो
कुछ टीवी पे चीखे,,कुछ यू एन से आ गए
अनुभव
सोमवार, 5 अक्टूबर 2015
करू हे 22
भरे बिहिनिया घर के अंगना अब
टेटकू पियत हे दारु
जंहा खोलिस चेप्टी के ढकना
चरर्स ले पड़ गे झारू,,,यहा काय रे
तैं अभी ले नई समझे रे रोगहा,,,,(बीबी)
करू हे पापा ये हर भारी करू हे(बेटा कहता है)
मस्त मझनिया बिकट थकासी
टेटकू के टोटा सुखागे
बोतल खोल के मारिस पालथी
खेत खार बग्या गे ,,यहा काय रे
करू हे रे ये हर भारी करू हे( खेत से लोग पथरा मारते है)
संझा जात ले लुका छिपा के
टेटकू पहुचिस मशान
अक़्क़ेला में होही सेटिंग
साले सब होंगे विद्वान,,,(धूंगीया छूटत हे)
यहा काय रे,,,,,,
हीही हीही हीही ,,,,,,(कब्र से तातु का भूत निकलता है)
करू हे रे बेटा ,,ये हा भारी करू हे
बाई जाग गे,,गावँ जाग गे
जाग गे ,,,बस्ती टोला
जिनगी ला करुवाये बर
बेटा ! नई पीना हे तोला
हओ ददा अब नई पीना हे मोला(बोतल तोड़ता है)
नशे के खिलाफ जंग
लड़ेंगे एक संग,,,,...